Assertion : The specific charge of positive rays is not constant.
Reason : The mass of ions varies with speed.
अभिकथन: धनात्मक किरणों का विशिष्ट आवेश नियत नहीं होता है।
कारण: आयनों का द्रव्यमान, चाल के साथ परिवर्तित होता रहता है।
Cathode rays are similar to visible light rays in that
(a) They both can be deflected by electric and magnetic fields
(b) They both have a definite magnitude of wavelength
(c) They both can ionize a gas through which they pass
(d) They both can expose a photographic plate
कैथोड किरणें, दृश्य प्रकाश किरणों के समान हैं, जिनमें
(a) इन दोनों को विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित किया जा सकता है
(b) इन दोनों में तरंगदैर्ध्य की निश्चित परिमाण होता है
(c) वे दोनों एक गैस को आयनित कर सकते हैं जिसके माध्यम से वे गुजरते हैं
(d) वे दोनों एक फोटोग्राफिक प्लेट को अनावृत कर सकते हैं
A photon of energy 8 eV is incident on metal surface of threshold frequency . The maximum kinetic energy of the photoelectrons emitted (in eV) (Take )
(a) 1.6 (b) 6
(c) 2 (d) 1.2
देहली आवृत्ति की धातु की सतह पर ऊर्जा 8 eV का एक फोटॉन आपतित होता है। उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा (eV में) है: ( लीजिए)
(a) 1.6 (b) 6
(c) 2 (d) 1.2
Light of wavelength 500 nm is incident on a metal with work function 2.28 eV. The de-Broglie wavelength of the emitted electron is
(a)<2.8x10-10m
(b)<2.8x10-9m
(c)>2.8x10-9m
(d)<2.8x10-12m
500nm तरंगदैर्ध्य का प्रकाश, 2.28eV के कार्यफलन की धातु पर आपतित होता है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की दे-ब्राॅग्ली तरंगदैर्ध्य की गणना कीजिए।
(a) <2.8x10-10m
(b) <2.8x10-9m
(c) >2.8x10-9m
(d) <2.8x10-12m
In an electron gun, the electrons are accelerated by the potential V. If e is the charge and m is the mass of an electron, then the maximum velocity of these electrons will be
(a) (b)
(c) (d)
एक इलेक्ट्रॉन गन में, इलेक्ट्रॉनों को V विभवांतर से त्वरित किया जाता है। यदि e आवेश है और m एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान है, तो इन इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग होगा:
(a) (b)
(c) (d)
As the intensity of incident light increases
(a) Photoelectric current increases
(b) Photoelectric current decreases
(c) Kinetic energy of emitted photoelectrons increases
(d) Kinetic energy of emitted photoelectrons decreases
जैसे-जैसे आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ती है
(a) प्रकाश वैद्युत धारा बढ़ती है
(b) प्रकाश वैद्युत धारा घटती है
(c) उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है
(d) उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा घट जाती है
Which of the following is incorrect statement regarding photon:
(a) Photon exerts no pressure
(b) Photon energy is hv
(c) Photon rest mass is zero
(d) None of these
निम्नलिखित में से कौन फोटोन के संबंध में गलत कथन है:
(a) फोटॉन कोई दाब नहीं डालता है
(b) फोटॉन की ऊर्जा hv है
(c) फोटॉन का विराम द्रव्यमान शून्य है
(d) इनमें से कोई नहीं
Assertion : Mass of moving photon varies inversely as the wavelength.
Reason : Energy of the particle = Mass
अभिकथन: गतिमान फोटॉन का द्रव्यमान तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती रूप से परिवर्तित होता है।
कारण: कण की ऊर्जा = द्रव्यमान
Assertion : Photoelectric effect demonstrates the wave nature of light.
Reason : The number of photoelectrons is proportional to the frequency of light.
अभिकथन: प्रकाश वैद्युत प्रभाव, प्रकाश की तरंग प्रकृति को प्रदर्शित करता है।
कारण: प्रकाशिक इलेक्ट्रॉन की संख्या, प्रकाश की आवृत्ति के अनुक्रमानुपाती होती है।
The maximum kinetic energy of photoelectron emitted from the surface of work function f due to incidence of light of frequency n is E. If the frequency of incident light is doubled, then maximum kinetic of emitted photon will be
1. 2E
2. 2E - f
3. 2E + f
4. 2E + 2f
n आवृत्ति के प्रकाश के आपतित होने के कारण f कार्यफलन के पृष्ठ से उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा E है। यदि आपतित प्रकाश की आवृत्ति दोगुनी कर दी जाए, तब उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा कितनी होगी?
1. 2E
2. 2E - f
3. 2E + f
4. 2E + 2f